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मैं हारी नहीं हूं , मैं इस्तीफा नहीं दुंगी - ममता बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो)

ममता बनर्जी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बोली मैं आज़ाद पंछी, शेर की तरह लडुंगी (मुख्यमंत्री पद छोड़ने से किया इंकार)


(डेस्क बिहार/पटना -चंदन बादशाह :-) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है. प्रोटोकॉल के अनुसार, एक नई सरकार का शपथ ग्रहण होना तय है. निवर्तमान मुख्यमंत्री से उम्मीद की जा रही है कि वे अपना इस्तीफा सौंपने के लिए राजभवन जाएंगी. हालांकि मंगलवार को अपने कालीघाट स्थित आवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया. वे हार मानने को भी तैयार नहीं हैं. उन्होंने साफ-साफ कहा कि मैं इस्तीफा क्यों दूं? हम हारे नहीं हैं. इसी के साथ उन्होंने बेबाकी से खुद को एक आजाद पंछी घोषित कर दिया.

क्या करेंगे राज्यपाल?

भारतीय संविधान के मुताबिक, अगर किसी राज्य का मुख्यमंत्री पद छोड़ने को तैयार नहीं होता और अपनी मर्जी तक बना रहता है। ऐसे में राज्यपाल जरूरी कदम उठा सकते हैं। क्योंकि अनुच्छेद 164 यह साफ करता है कि राज्यपाल ही मुख्यमंत्री की नियुक्ति करते हैं। ऐसे में अगर मुख्यमंत्री चुनाव हार जाए या उनकी पार्टी सदन में बहुमत खो दे। इसके बाद भी वह इस्तीफा देने में इनकार करते हैं, तब राज्यपाल को उन्हें यानी मुख्यमंत्री को पद से बर्खास्त करने का पूरा अधिकार होता है। इसके लिए राज्यपाल एक आधिकारिक आदेश जारी करके वर्तमान सरकार को तत्काल प्रभाव से भंग कर सकते हैं।

यह भी ऑप्शन

भारतीय संविधान के मुताबिक, अगर किसी राज्य का मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देता है तो राज्यपाल विधानसभा का विशेष सत्र बुला सकते हैं। इसमें बहुमत साबित करने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है। ऐसे में चुनाव परिणामों ने यह साफ है कि बीजेपी के पास 207 सीटें हैं और टीएमसी के पास सिर्फ 80 सीटें हैं। इसके चलते ममता बनर्जी का सदन में बहुमत साबित करना नामुमकिन होगा। अविश्वास प्रस्ताव पास होते ही मुख्यमंत्री को अपना पद छोड़ना पड़ता है।

ममता ने इस्तीफा देने पर क्या कहा?

पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की हार के बाद मंगलवार को पद छोड़ने से इनकार कर दिया और दावा किया कि यह चुनाव परिणाम जनता का वास्तविक जनादेश नहीं, बल्कि एक साजिश का नतीजा है। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि उसकी लड़ाई चुनाव आयोग से थी, जिसने बीजेपी के लिए काम किया।
मैं हारी नहीं हूं- ममता
ममता बनर्जी ने कोलकाता में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। क्योंकि हमारी हार जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत हुई है। मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी। वे संवैधानिक मानदंडों के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं। बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि लगभग 100 सीट पर जनादेश को ‘लूट’ लिया गया और उनकी पार्टी का मनोबल गिराने के लिए जानबूझकर मतगणना धीमी की गई। उन्होंने कहा कि इतिहास में एक काला अध्याय जुड़ गया है।
चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए 10 सदस्यीय तथ्यान्वेषी समिति के गठन की भी घोषणा की। उन्होंने 2021 में चुनाव के बाद हुई हिंसा के आरोपों को निराधार बताया। दरअसल बंगाल में बीजेपी ने 207 सीट जीतकर 294 सदस्यीय विधानसभा में निर्णायक बहुमत हासिल किया और राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया...


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