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उत्तर बिहार को जोड़ने वाली गंगा नदी पे निर्मित भारत का 5वां सबसे लम्बा बिक्रमशिला सेतु ध्वस्त

(डेस्क बिहार/भागलपुर -चंदन बादशाह) :-विक्रमशिला सेतु बिहार के भागलपुर के पास गंगा के ऊपर निर्मित एक पुल है, जिसका नाम विक्रमाशिला के प्राचीन महाविहार के नाम पर रखा गया था। इस महाविहार का निर्माण राजा धर्मपाल ने (सन् 783से 820 ई0) ने किया था। विक्रमशिला सेतु भारत में पानी पर ५वां सबसे लंबा पुल है।


भागलपुर की जीवनरेखा माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु अचानक ध्वस्त होकर गंगा में समा गया। घटना रात 11:55 बजे पाये के बैठने से शुरू हुई और लगभग 1:07 बजे वह पूरी तरह ढह गया।
हालांकि, समय रहते प्रशासन ने आवाजाही रोक दी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यदि ट्रैफिक जारी रहता, तो सैकड़ों जिंदगियां खतरे में पड़ सकती थीं। प्रशासन की सतर्कता से जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने पुल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है।
साल 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा उद्घाटित यह 4.7 किलोमीटर लंबा पुल प्रतिदिन एक लाख से अधिक लोगों की आवाजाही का प्रमुख साधन है। भागलपुर, नवगछिया और उत्तर बिहार को जोड़ने वाला यह सेतु आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अब सवाल उठ रहे हैं—
1.क्या नियमित संरचनात्मक ऑडिट हुआ था?
2.रखरखाव में कहीं लापरवाही तो नहीं बरती गई?
3.क्या बढ़ते ट्रैफिक भार का वैज्ञानिक आकलन किया गया था?
घटना के बाद पुल की सुरक्षा, मरम्मत और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था को लेकर सरकार और संबंधित एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की संरचनाओं का समय-समय पर तकनीकी परीक्षण और लोड मैनेजमेंट अनिवार्य होना चाहिए।
फिलहाल राहत की बात यह है कि समय रहते ट्रैफिक रोककर एक संभावित बड़ी त्रासदी टाल दी गई.

आइये जानते हैं खास जानकारी :-
विक्रमशिला सेतु भारत में पानी पर ५वां सबसे लंबा पुल है। 4.7 किमी लंबा दो लेन पुल गंगा के दोनों ओर निर्मित एनएच 80 और एनएच 31 के बीच एक लिंक के रूप में कार्य करता है। यह गंगा के दक्षिण तट पर भागलपुर की तरफ बरारी घाट से उत्तर तट पर नवगछिया  है।यह सेतु भागलपुर को पूर्णिया और कैथीर से भी जोड़ता है। इसने भागलपुर और गंगा में स्थानों के बीच सड़क यात्रा दूरी को काफी कम कर दिया है।
जून 2018 में, 4,37 9.01 करोड़ रुपये के व्यय के साथ, विक्रमशिला रेलवे स्टेशन और कटारिया रेलवे स्टेशन (नवगछिया रेलवे स्टेशन के पास) के बीच एक और 24 किमी लंबी विक्रमशिला-कटरिया गंगा ब्रिज (पीरपैती-नवगछिया) को मंजूरी दे दी गई थी।
वाई आकार में ब्रिज के दोनों तरफ से रेल लाइन मिलेगी। उत्तर में कटरिया और नवगछिया तथा दक्षिण में विक्रमशिला और शिवनारायणपुर स्टेशन की तरफ लाइन जुड़ेगी।


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